मुंबई: दूसरों के लिए 2015 चाहे जैसा रहा हो, लेकिन बॉलीवुड के हैंडसम ख़ान सलमान के लिए 2015 कभी ना भूलने वाले साल बन गया है। ये वो साल है, जो सलमान चाहेंगे, कि बार-बार उनकी ज़िंदगी में आता रहे। इस साल ने सलमान की निजी ज़िंदगी में चल रही दुश्वारियों को कम किया है, तो प्रोफेशनल ज़िंदगी में उन्हें क़ामयाबी की नई ऊंचाइयां छूने को मौक़ा दिया है। ये वो साल है, जिसने सलमान को उम्र के स्वर्णिम पड़ाव पर पहुंचा दिया है। 27 दिसंबर को सलमान 50 साल के हो गए।

2015 ने सलमान को जो सबसे बड़ा तोहफ़ा दिया है, वो है 2002 के हिट एंड रन केस में उनका बाइज़्ज़त बरी होना। मुंबई हाईकोर्ट ने 10 दिसंबर को उनके हक़ में फ़ैसला सुनाया। न्यायालय ने कहा, कि सलमान के ख़िलाफ़ इकट्ठा किए गए सबूत उन्हें कुसूरवार ठहराने के लिए नाकाफी हैं, लिहाज़ा उन्हें बरी किया जाता है। ये सलमान और उनके परिवार के लिए बहुत बड़ी राहत थी, क्योंकि अगर सलमान इस केस में दोषी ठहराए जाते, तो लंबे वक़्त के लिए उन्हें सलाखों के पीछे जाना पड़ता। हालांकि कुछ लोगों ने सलमान के छूटने पर ऐतराज़ ज़ाहिर किया, और उनकी नज़र में ये नाइंसाफ़ी थी।

2015 में सलमान के मिजाज़ और नज़रिए में भी काफी सकारात्मक बदलाव देखे गए हैं। वो एक ज़िंदादिल, बेफिक्र और दूसरों की मदद के लिए हमेशा तैयार शख्स के रूप में दुनिया के समाने आए। गुस्सैल सलमान का ये बदला हुआ अंदाज़ उनकी पुरानी छवि को तोड़ रहा था। हालांकि, याकूब मेनन को फांसी दिए जाने के विरोध में सलमान के ट्वीट्स ने उन्हें विवादों में रखा, लेकिन ऐसे नाज़ुक मौक़ों पर उनके डैड सलीम ख़ान ने उन्हें डापटकर या नसीहत देकर बात संभाल ली, और सलमान के ख़िलाफ़ पनप रही नकारात्मक विचारधारा को ख़त्म कर दिया।

निजी ज़िंदगी में सलमान को पुराने दोस्तों के क़रीब आने का मौक़ा भी मिला। शाह रूख़ ख़ान के साथ सालों से चली आ रही अदावत को उन्होंने सिरे से ख़त्म कर दिया, और उनके साथ गले मिलकर एक नई शुरूआत की। कई साल बाद सलमान और शाह रूख़ को एक रियलिटी टीवी शो के मंच पर साथ देखा गया, जो दोनों की बीच मधुर हुए रिश्तों का यादगार दस्तावेज़ बन गया।
