Kunal Kamra Controversy: ‘मेरा मुंह काला किया, मुझसे माफी मंगवाई…’, हंसल मेहता ने सुनाई 25 साल पुरानी आपबीती

Hansal Mehta recalls his ordeal while defending Kunal Kamra, Photo- Instagram

मुंबई। Kunal Kamra Controversy: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पर स्टैंड अप कॉमेडियन कुणाल कामरा के पैरोडी सॉन्ग ने बवाल मचा दिया है। सोमवार को दिनभर सोशल मीडिया से लेकर सियासी जगत में इसी की चर्चा होती रही। नेताओं की बयानबाजियां चलती रहीं।

जिस स्टूडियो में कामरा ने शो किया था, शिव सेना (एकनाथ शिंदे) के कार्यकर्ताओं ने उसमें तोड़फोड़ की। साथ ही, बीएमसी ने भी अवैध निर्माण को गिरा दिया। पुलिस भी इस केस में सक्रिय हो गई। कुणाल कामरा और स्टूडियो में तोड़फोड़ करने वाले शिव सैनिकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गईं।

कुणाल कामरा के स्टैंड अप शो को लेकर मनोरंजन जगत में कोई प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली। अलबत्ता, फिल्ममेकर हंसल मेहता को 25 साल पहले अपने साथ हुई घटना याद आ गई। उन्होंने सोशल मीडिया में एक पोस्ट लिखकर इसे साझा किया है।

शिव सैनिकों ने चेहरे पर पोती थी कालिख

हंसल ने लिखा- ”कामरा के साथ जो हुआ, वह दुर्भाग्यवश महाराष्ट्र के लिए नया नहीं है। मैंने खुद इसे झेला है। पच्चीस साल पहले, उसी राजनीतिक दल (तब अविभाजित) के समर्थकों ने मेरे कार्यालय पर धावा बोल दिया था।

उन्होंने वहां तोड़फोड़ की। मुझे शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। मेरा चेहरा काला कर दिया और मेरी फिल्म के एक संवाद के लिए मुझे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए मजबूर किया, एक बुजुर्ग महिला के पैरों में गिरकर।”

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हंसल आगे लिखते हैं- ”वह संवाद हानिरहित था, लगभग फिजूल। फिल्म को सेंसर बोर्ड ने पहले ही 27 अन्य कट्स के साथ मंजूरी दे दी थी, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ा। तथाकथित ‘माफी’ स्थल पर कम से कम 20 राजनीतिक हस्तियां पूरे जोश के साथ पहुंचीं, जिसे सार्वजनिक अपमान ही कहा जा सकता है-10,000 दर्शकों और मुंबई पुलिस की चुप्पी के बीच।

उस घटना ने ना केवल मुझे शारीरिक चोट पहुंचाई। इसने मेरी आत्मा को भी ठेस पहुंचाई।इसने मेरी फिल्म निर्माण की धार को कुंद कर दिया। मेरे साहस को मूक कर दिया और मेरे उन हिस्सों को चुप कर दिया, जिन्हें वापस पाने में मुझे सालों लग गए।

चाहे असहमति कितनी भी गहरी हो, चाहे उकसावा कितना भी तीखा हो- हिंसा, धमकी और अपमान को कभी भी उचित नहीं ठहराया जा सकता। हम खुद को और एक-दूसरे को, इससे बेहतर के हकदार हैं। हम संवाद, असहमति और सम्मान के हकदार हैं।”

दिल पे मत ले यार का था मामला

मामला साल 2000 का है, जब हंसल मेहता की फिल्म ‘दिल पे मत ले यार’ रिलीज हुई थी। इस फिल्म में एक संवाद को लेकर शिव सैनिकों ने जमकर हंगामा किया था। हंसल मेहता के ऑफिस में बवाल काटने के बाद उनके चेहर पर कालिख पोती गई थी।

बाद में हंसल ने जब शाहिद फिल्म बनाई तो इसका एक पोस्टर उनकी निजी जिंदगी की इसी घटना से प्रेरित था, जिसमें शाहिद आजमी बने राजकुमार राव के चेहरे पर कालिख पुती नजर आती है।

दिल पे मत ले यार कॉमेडी ड्रामा फिल्म है, जिसमें मनोज बाजपेयी, तब्बू, आदित्य श्रीवास्तव और सौरभ शुक्ला ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। सौरभ शुक्ला ने फिल्म का लेखन भी किया था।

कुणाल ने किया माफी मांगने से इनकार

उधर, कुणाल कामरा ने माफी मांगने से इनकार कर दिया है। उन्होंने देर रात एक्स पर लम्बा नोट लिखकर अपना पक्ष रखा और कहा कि वो उस बात के लिए बिल्कुल माफी नहीं मांगेंगे, जो अजीत पवार (पहले उप मुख्यमंत्री) ने एकनाथ शिंदे (दूसरे उपमुख्यमंत्री) के लिए कही थी।

कुणाल ने यह भी कहा कि इस मामले में मेरे खिलाफ पुलिस या अदालत जो भी कार्रवाई करते हैं, वो उसमें पूरा सहयोग करेंगे। मैं इस भीड़ से नहीं डरता। मैं इस विवाद के शांत होने के इंतजार में बिस्तर में दुबककर नहीं रहूंगा।