मनोज वशिष्ठ, मुंबई। Adolescence Review: बचपन की मासूमियत ढलने लगती है और जवान होने का एहसास अंगड़ाई लेने लगता है तो उम्र के उस पड़ाव को किशोरावस्था (Adolescence) कहा जाता है। यह पड़ाव सिर्फ संख्यात्मक बदलाव नहीं, बल्कि शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक बदलावों का मायाजाल है।
इसीलिए, इस अवस्था को उम्र का नाजुक पड़ाव भी माना गया है। यह वो उम्र है, जब समाज और खुद को देखने का बच्चे का नजरिया बदल रहा होता है। बहुत संभलकर कदम बढ़ाना होता है। चूक हुई कि पैर फिसला। माता-पिता के लिए भी बच्चों की उम्र का यह दौर आसान नहीं होता। तमाम चुनौतियां होती हैं। उनकी परवरिश की असली कसौटी भी होती है।
नेटफ्लिक्स की ब्रिटिश सीरीज एडोलसेंस उम्र के इसी नाजुक पड़ाव पर हम उम्र बच्ची के कत्ल के आरोप में फंसे एक बच्चे और उसके परिवार की जिंदगी को दिखाती है। चार एपिसोड्स की यह सीमित सीरीज लेखन और तकनीक का बेहतरीन तालमेल पेश करती है।
सीरीज सोचने को मजबूर करती है कि बच्चे को उसकी आजादी और सर्वश्रेष्ठ परवरिश देने का गुमान क्या महज एक गलती थी? ऐसे दौर में जब सोशल मीडिया की प्रतिक्रियाएं वास्तविक जीवन में कड़वाहट घोल सकती हैं तो कितनी आजादी देना जरूरी है, क्योंकि यह वो उम्र है, जो अपनी आजादी छिनना भी पसंद नहीं करती।
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क्या है सीरीज की कहानी?
सीरीज 13 साल का जैमी मिलर अपने पिता एडी मिलर, मां मैंडा मिलर और 18 साल के करीब पहुंच रही बहन लीसा मिलर के साथ छोटे कस्बे में रहता है। उसे केटी लियोनार्ड के कत्ल के आरोप में गिरफ्तार कर लिया जाता है, जो जैमी के ही स्कूल में पड़ती है।
लेखन को मिला तकनीक का साथ
एडोलसेंस सीधी-सादी क्राइम स्टोरी है, जिसका सबसे मजबूत पक्ष इसका लेखन और सिनेमैटोग्राफी है। जैक थॉर्न और स्टीफन ग्राहम ने सीरीज लिखी है। स्टीफन ने जैमी के पिता एडी की भूमिका भी निभाई है। वो शो के एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर भी हैं। हॉलीवुड एक्टर ब्रैड पिट का नाम भी एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर के तौर पर सीरीज से जुड़ा है।
एडोलसेंस, लेखन की एक मिसाल है कि इस तरह के विषयों को किस तरह डील किया जाना चाहिए। सीरीज का पहला एपिसोड जैमी की गिरफ्तारी और पुलिस प्रोसीजर पर फोकस करती है। दूसरे एपिसोड में पुलिस की जांच, जैमी के स्कूल और दोस्तों से पूछताछ, घटना के कारण और मर्डर वेपन की खोज को दिखाया गया है।
तीसरा एपिसोड कोर्ट की ओर से नियुक्त मनोचिकित्सक द्वारा जैमी से की गई पूछताछ पर आधारित है। यह कमाल का एपिसोड है। मनोचिकित्सक 13 साल के बच्चे से सवालों के जरिए उसकी सोचने की दिशा, परिवार का माहौल और कत्ल के कारण की तह में जाने की कोशिश करती है, वो जिस तरह बिना किसी ड्रामा के दिखाया गया है, दर्शक नजर नहीं हटा पाता।
What went into Erin Doherty's performance in episode 3 of #Adolescence. pic.twitter.com/5u0C8oBxAe
— Netflix UK & Ireland (@NetflixUK) March 22, 2025
चौथा एपिसोड कत्ल के आरोपी जैमी के परिवार की मनोदशा और सामाजिक स्थिति को दिखाता है। माता-पिता की लाचारी, मजबूरी और परवरिश में कमी रह जाने की टीस इस एपिसोड की जान है। इस दौरान एडी और मैंडा के बीच की बातचीत हर माता-पिता को सुननी चाहिए।
बच्चों को अलग कमरा, कम्प्यूटर और सारी सुख-सुविधाएं देने के बाद माता-पिता समझते हैं कि बच्चा खुश है। अपने-अपने काम में मसरूफ बच्चे से बात करने का वक्त नहीं होता। उन्हें भनक तक नहीं होती कि बच्चा किस मनोदशा से गुजर रहा है। सब कुछ सामान्य लगता है, जब तक कि ऐसा कोई हादसा नहीं होता।
एडोलसेंस में कोई एक्शन, सस्पेंस या थ्रिल नहीं है, मगर फिर भी सीरीज ध्यान नहीं हटने देती। पूरी सीरीज की अवधि लगभग 4 घंटा है, मगर एक भी पल ऐसा नहीं आता कि नजरें हटाने का दिल करे।
अभिनय ने लेखन में फूंकी जान
जैमी की किरदार में बाल कलाकार ओवन कूपर का अभिनय जानदार है। एक ऐसा बच्चा, जिसने जाने-अनजाने कत्ल किया है और वो इसी अपराध की संजीदगी भी जानता है, मगर उम्र की मासूमियत इस संजीदगी को स्वीकार नहीं होने देती।
मनोचिकित्सक से बातचीत में वो यह भूल जाता है कि जिस केटी की वो बुराई कर रहा है, वो मर चुकी है। ओवन ने जैमी के किरदार की हर परत को बखूबी पेश किया है। मानें या ना मानें, ओवन की यह डेब्यू परफॉर्मेंस है।
कत्ल के आरोपी बेटे के पिता एडी के रोल में स्टीफन ने खुद को ढाल लिया है। बेटे का अपराध कितना बड़ा है, मगर पिता का दिल क्या करे, जिसने बच्चे को पाला है। मां मैंडा के रोल में क्रिस्टीन ट्रेमार्को, बहन लीजा के रोल में एमिली पीज ने अच्छा साथ दिया है।
सीरीज के ज्यादातर हिस्से पीओवी स्टाइल में शूट किये गये हैं। कैमरा किरदारों को फॉलो करते हुए आगे बढ़ता है और दृश्य की जरूरत के हिसाब से अगले किरदार की ओर बढ़ जाता है। ज्यादातर सिंगल टेक शॉट्स हैं, जिन्हें शूट करने के लिए सधे हुए कलाकारों की जरूरत होती है।
वेब सीरीज- एडोलसेंस
कलाकार- ओवन कूपर, स्टीफन ग्राहम, क्रिस्टीन ट्रेमार्को, एमिली पीज, एरिन डोहर्टी, एशले वॉल्टर्स आदि।
निर्देशक- फिलिप बैरंटिनी
निर्माता- जो जॉनसन
प्लेटफॉर्म- नेटफ्लिक्स
अवधि- प्रति एपिसोड औसतन एक घंटा
स्टार- ***1/2 (साढ़े तीन)