Be Happy Review: डांस के जरिए पिता-बेटी के भावुक रिश्ते को दिखाती है बी हैप्पी, अभिषेक बच्चन ‘परफेक्ट पापा’

Be Happy review in Hindi. Photo- Instagram

मनोज वशिष्ठ, मुंबई। Be Happy Review: पूरा देश जब होली के उल्लास में डूबा हुआ है, निर्देशक रेमो डिसूजा दर्शकों को भावनाओं के रंगों में सराबोर करने के लिए डांस फिल्म बी हैप्पी लेकर आये हैं, जो प्राइम वीडियो पर रिलीज हो चुकी है। पिता और बेटी के रिश्ते को दिखाती फिल्म में अभिषेक बच्चन और इनायत वर्मा ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं।

बी हैप्पी का हिंदी में मतलब होगा खुश रहो। खुशी के मायने सबके लिए अलग होते हैं। निर्भर करता है, कौन कहां और किस परिस्थिति में है। मगर, यहां खुशी का मतलब बच्चों की खुशी से है। अक्सर कहा भी जाता है कि बच्चों की खुशी में ही मां-बाप की खुशी छिपी होती है, भले ही इसे जाहिर ना करें।

रेमो डिसूजा की फिल्म इसी बात को एक ऐसे पिता के माध्यम से समझाती है, जिसकी पत्नी का देहांत हो चुका है और वो अकेले अपनी बेटी की परवरिश कर रहा है। बेटी की खुशी ही उसका अंतिम मकसद है और उसे पूरा करने के लिए वो किसी भी हद तक जा सकता है।

क्या है बी हैप्पी की कहानी?

ऊटी में बसा शिव रस्तोगी अपने ससुर मिस्टर नादर के बैंक में कर्मचारी है। अपनी बेटी धारा और ससुर के साथ रहता है। पत्नी की एक हादसे में मौत हो चुकी है। तभी से शिव हंसना भूल गया है, मगर बेटी को उसने मां की कमी महसूस नहीं होने दी है। ससुर-दामाद की खट्टी-मीठी नोकझोंक चलती रहती है।

धारा बेहतरीन डांसर है। 10-12 साल की धारा उड़ना चाहती है और शोहरत के आसमान पर चमकना चाहती है। डांस में उसकी जान बसती है। स्कूल के कार्यक्रम में उसके डांस से प्रभावित होकर मुंबई से आई मुख्य अतिथि मैगी मैडम उसके पिता को उसकी डांस एकेडमी ज्वाइन करने का न्योता देती हैं, ताकि वो इंडियाज सुपरस्टार डांसर रिएलिटी शो में भाग ले सके।

बेटी ख्वाहिश पूरी करने के लिए शिव ट्रांसफर लेकर मुंबई चला जाता है। धारा इंडियाज सुपरस्टार डांसर का आडिशन देती है और रिएलिटी शो की टॉप कंटेस्टेंट्स में शामिल हो जाती है। फिनाले से कुछ दिन पहले एक ऐसा मोड़ आता है, जहां धारा के सपनों बिखरने लगते हैं।

धारा को बोन कैंसर निकलता है और उसे फिनाले छोड़ना पड़ता है। बेटी को अपने सामने मौत के करीब जाते देख शिव अपना हौसला टूटने नहीं देता और उसके सपने को पूरा करने की जद्दोजहद में जुट जाता है।

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कैसा है फिल्म का लेखन-निर्देशन?

रेमो कई सालों तक कोरियोग्राफर बनने के बाद फिल्म निर्देशक बने हैं। डांस रिएलिटी शोज में वो जज बनकर शामिल होते रहे हैं। निर्देशन के लिए उन्होंने कहानी ऐसी चुनी है, जो उनका परखा हुआ मैदान है। तुषार हीरानंदानी, कनिष्क देव और चिराग गर्ग के साथ स्क्रीन प्ले और संवाद में रेमो का साथ दिया है।

बी हैप्पी की कहानी साधारण है, मगर स्क्रीनप्ले और अभिनय ने फिल्म को भावानात्मक गहराई दी है, जो अंत तक दर्शक को बांधकर रखती है। शिव-धारा की बॉन्डिंग, धारा-नाडर की मस्ती के दृश्य लुभाते हैं। रेमो ने अपने कोरियोग्राफी और रिएलिटी शो के अनुभव को दृश्यों में उड़ेल दिया है।

नोरा फतेही के नृत्य क्षमता का भरपूर उपयोग किया गया है। स्क्रीन पर उनके स्टेप्स भावनाओं में डूबे दर्शक को सुखद ब्रेक देते हैं। रेमो ने स्क्रीनप्ले में इन्हें सही मौकों पर इस्तेमाल किया है। रिएलिटी शो के दृश्यों को भव्य और दर्शनीय बनाया गया है। कंटेस्टेंट्स के स्टेप्स असर छोड़ते हैं और वास्तविकता के बेहद करीब लगते हैं।

रेमो की अन्य फिल्मों की तरह यहां भी गणेशोत्सव के दृश्य हैं, जो कहानी के साथ गूंथे गये हैं और बेमतलब नहीं लगते। इमोशनल ड्रामा होते हुए भी फिल्म के कथ्य में एक रवानगी है। हालांकि, फिल्म का क्लाइमैक्स भावुक करता है, मगर दर्शक की कल्पना के लिए ओपन छोड़ दिया गया है, जो थोड़ा अखरता है।

कैसा है कलाकारों का अभिनय?

बी हैप्पी की सबसे बड़ी ताकत इसका अभिनय है। सिंगल पैरेंट के किरदार में अभिषेक बच्चन के अभिनय में परिवक्वता है। बेटी धारा के रोल में इनायत वर्मा ने अभिषेक के भरपूर साथ दिया है। इस बाल कलाकार के अभिनय में ठहराव है और भावाभिव्यक्ति में संतुलन नजर आता है।

इनायत के साथ अभिषेक की डांस परफॉर्मेंस नेचुरल लगती हैं। फिल्म में उनका किरदार नॉन-डांसर है। दादा के किरदार में नासर को तमिल-हिंदी में बात करते हुए देखना दिलचस्प है। मैगी मैडम के किरदार में नोरा फतेही को अभिनय करने का मौका मिला है। इसमें वो सफल रही हैं।

फिल्म (Be Happy Review) में रेमो के सहयोगी रहे कई कलाकारों के कैमियोज हैं। रिएलिटी शो के एंकर जय भानुशाली, जजेज सलमान यूसुफ खान, पुनीत पाठक और एली एव्राम, फिनाले के जजेज सोनाली बेद्रें और खुद रेमो डिसूजा की मौजूदगी बहुत स्वाभाविक लगती है।

डांस आधारित फिल्मों में संगीत की भूमिका भी अहम रहती है। हर्ष उपाध्याय का संगीत कर्णप्रिय है। खासकर, क्लाइमैक्स का गीत मेरे पापा आंखें नम करता है। बी हैप्पी, भावनाओं में डूबी ऐसी फिल्म है, जो कभी हैप्पी तो कभी सैड करती है।

  • फिल्म: बी हैप्पी (Be Happy)
  • कलाकार: अभिषेक बच्चन, इनायत वर्मा, नोरा फतेही, नासर, जॉनी लीवर आदि।
  • निर्देशक: रेमो डिसूजा
  • निर्माता: लिजेल रेमो डिसूजा
  • जॉनर: ड्रामा
  • प्लेटफॉर्म: प्राइम वीडियो
  • अवधि: 2 घंटा 10 मिनट
  • स्टार: *** (तीन)