बॉक्स ऑफ़िस: पहली छमाही में कई बड़ी फ़िल्मों ने मुंह की खाई

साल 2016 का आधा सफ़र बीत चुका है, लेकिन बॉलीवुड के लिए ये सफ़र ज़्यादा मज़ेदार नहीं रहा। साल की पहली छमाही में क़रीब 60 फ़िल्में रिलीज़ हुईं, जिनमें बड़े और छोटे बजट की फ़िल्में शामिल हैं। इनमें से अधिकांश फ़िल्मों को मनचाही क़ामयाबी नहीं मिली। यहां तक कि बड़े नाम वाली फ़िल्मों के दर्शन भी छोटे साबित हुए। अगर बॉक्स ऑफ़िस के पैमाने से देखें, तो सिर्फ़ 2 फ़िल्में 100 करोड़ क्लब में पहुंच सकीं, जबकि 3 को ही हिट का दर्ज़ा मिल सका है।

जनवरी

साल के पहले महीने में 5 ऐसी फ़िल्में आईं, जो स्टार कास्ट और प्रोडक्शन लागत के हिसाब से बड़ी फ़िल्में कही जाएंगी। ये फ़िल्में हैं- ‘वज़ीर’, ‘क्या कूल हैं हम 3’, ‘एयरलिफ़्ट’, ‘मस्तीज़ादे’ और ‘साला खड़ूस’। इनमें से सिर्फ़ ‘एयरलिफ़्ट’ ने 127 करोड़ के आस-पास जमा किए, और फ़िल्म को सुपरहिट का दर्ज़ा दिया गया। बाक़ी सभी फ़िल्में या तो फ़्लॉप रहीं, या फिर औसत।

फरवरी

इस महीने में 6 फ़िल्में ऐसी आईं, जिनसे बड़े बिजनेस की उम्मीद थी। ये फ़िल्में हैं ‘घायल वंस अगेन’, ‘सनम रे’, ‘फितूर’, ‘नीरजा’, ‘तेरे बिन लादेन- डैड ऑर अलाइव’ और ‘अलीगढ़’। इनमें से सिर्फ़ ‘नीरजा’ ही बॉक्स ऑफ़िस पर सुपरहिट रही, जिसने 75 करोड़ से ज़्यादा का कलेक्शन किया। बाक़ी फ़िल्में फ़्लॉप या औसत रहीं।

मार्च

मार्च का महीना अपेक्षाकृत बेहतर रहा। इस महीने में 4 फ़िल्में रिलीज़ हुईं, जिनसे अच्छे बिजनेस की अपेक्षा थी। ये फ़िल्में हैं- ‘जय गंगाजल’, ‘तेरा सुरूर’, ‘कपूर एंड संस’ और ‘रॉकी हैंडसम’। इन फ़िल्मों में सबसे ज़्यादा चली ‘कपूर एंड संस’, जिसने तक़रीबन 73 करोड़ का कलेक्शन किया। मार्च में ‘रॉकी हैंडसम’ को छोड़कर सभी फ़िल्मों ने अपनी लागत वसूल कर ली।

अप्रैल

इस महीने में 3 बड़ी फ़िल्में रिलीज़ हुईं। इनमें ‘की एंड का’, ‘बाग़ी- ए रिबेल फॉर लव’ और ‘फ़ैन’ शामिल हैं। सिर्फ़ ‘बाग़ी- ए रिबेल फॉर लव’ ही सुपरहिट रही, जिसने 76 करोड़ का कलेक्शन किया। ‘की एंड का’ 52 करोड़ का कलेक्शन करके फ़ायदे में रही, जबकि ‘फ़ैन’ 85 करोड़ जमा करके भी फ़ायदे में नहीं रही। अप्रैल में बॉलीवुड को हॉलीवुड से भी कड़ी टक्कर मिली। हिंदी समेत विभिन्न भाषाओं में रिलीज़ हुई ‘द जंगल बुक’ ने 183 करोड़ का कलेक्शन करके नया कीर्तिमान बनाया। ये फ़िल्म भारतीय बॉक्स ऑफ़िस पर सुपरहिट रही।

मई

इस महीने में यूं तो 6 फ़िल्में आईं, मगर 3 फ़िल्मों से अच्छे बिजनेस की आशा थी। ये फ़िल्में ‘अज़हर’, ‘सरबजीत’ और ‘1920 लंदन’। 33 करोड़ का बिजनेस करके ‘अज़हर’ औसत रही, जबकि महज़ 29 करोड़ जमा करके ‘सरबजीत’ थोड़े से फ़ायदे में रही। वहीं ‘1920 लंदन’ 14 करोड़ के आस-पास बिजनेस करके फ़्लॉप रही। इस महीने भी हॉलीवुड से बॉलीवुड की टक्कर जारी रही। ‘कैप्टन अमेरिका- सिविल वॉर’ और ‘एक्स मैन- एपॉकेलिप्स’ जैसी फ़िल्मों ने हिंदी फ़िल्मों की क़ामयाबी को चुनौती दी।

जून

पहली छमाही के आख़िरी महीने में 5 फ़िल्में ऐसी आईं, जिनसे शानदारी कलेक्शन की अपेक्षा की जा रही थी। ये फ़िल्में हैं- ‘हाउसफुल 3’, ‘दो लफ़्ज़ों की कहानी’, ‘तीन’, ‘उड़ता पंजाब’ और ‘रमन राघन 2.0’। मगर सिर्फ़ ‘हाउसफुल 3’ ने बॉक्स पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है। फ़िल्म 107 करोड़ से ज़्यादा का कलेक्शन कर चुकी है, और लाभ में चल रही है। 52 करोड़ जमा करके ‘उड़ता पंजाब’ भी सेफ़ ज़ोन में है। वहीं ‘तीन’ और ‘दो लफ़्जों की कहानी’ फ़्लॉप करार दी जा चुकी हैं। ‘रमन राघव 2.0’ की रिपोर्ट भी अच्छी नहीं है।

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