क्लासिक फ़िल्मों के पॉप्युलर एक्टर फ़ारूख़ शेख का निधन

Farooq-Shaikhमुंबई, एससी संवाददाता : वेटरन एक्टर फ़ारूख़ शेख का शुक्रवार रात दुबई में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। 65 साल के फ़ारूख शेख़ आख़िरी बार ‘क्लब 60’ में लीड रोल में नज़र आए, जो 6 दिसंबर को रिलीज़ हुई थी।

फ़रूख शेख़ अपने परिवार के साथ छुट्टियां मनाने के लिए दुबई में थे। उन्हें मुंबई में सुपुर्दे-ख़ाक किया जाएगा। फ़ारूख़ साब ने अपना फ़िल्मी करियर 1973 में एमएस सथ्यू डायरेक्टिड ‘गरम हवा’ के साथ शुरू किया।

समानांतर सिनेमा में ख़ास पहचान रखने वाले फ़ारूख़ शेख ने सत्यजीत रे, मुजफ़्फ़र अली और ऋषिकेश मुखर्जी जैसे डायरेक्टर्स के साथ काम किया था।

* 40 साल में कीं 42 फ़िल्में, ज़्यादातर क्लासिक

* सलमान के बड़े भाई, रणबीर के पिता बन चुके थे फ़ारूख़ 

‘शतरंज के खिलाड़ी’, ‘नूरी’, ‘चश्मेबद्दूर’, ‘उमराव जान’ उनके करियर की यादगार फ़िल्में हैं। फ़िल्मों को लेकर बेहद चूज़ी रहे फ़रूख़ साब ने 40 साल के करियर में महज़ 42 फ़िल्मों में काम किया, लेकिन इनमें से ज़्यादातर फ़िल्में हिंदी सिनेमा में क्लासिक्स और कल्ट फ़िल्म्स का दर्ज़ा रखती हैं।

2010 में ‘लाहौर’ फ़िल्म के लिए उन्हें सपोर्टिंग एक्टर के नेशनल अवॉर्ड से नवाज़ा जा चुका है। 90’s में टीवी पर फ़ारूख़ शेख का सेलिब्रटी चैट शो ‘जीना इसी का नाम है’ बेहद पॉप्युलर हुआ था। उनका सेंस ऑफ़ ह्यूमर, बातों में सादगी और विनम्रता ने शो को मशहूर बनाने में काफी मदद की।

सलमान ख़ान की डेब्यू फ़िल्म ‘बीवी हो तो ऐसी’ के लीड एक्टर फ़ारूख़ साब ही थे, जिसमें रेखा ने उनकी बीवी का रोल निभाया, जबकि सलमान ख़ान उनके छोटे भाई के रोल में थे। इसी साल की फ़िल्म ‘यह जवानी है दीवानी’ में फ़ारूख़ शेख ने रणबीर कपूर के फ़ादर का रोल निभाया था।

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